अध्याय 135

कुछ मिनट बाद ही गलियारे में चीख-पुकार गूंजने लगी।

“आर्थर, अभी के अभी बाहर निकलो!” ऑल्टन गुस्से से दरवाज़े पर धड़ाधड़ मुक्के मार रहा था।

उसे जो संदेश मिला था, उसने उसके भीतर आग लगा दी थी। कैरोलाइन के शरीर की ठंडक भी ठीक से नहीं उतरी थी, और यहाँ आर्थर किसी दूसरी औरत के साथ था।

दरवाज़े पर पड़ती चोटे...

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